नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस 2026 के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पारंपरिक अंदाज एक बार फिर चर्चा में रहा, लेकिन इस बार उनकी पोशाक का एक हिस्सा राजनीतिक विवाद का कारण बन गया। लाल किले से देश को संबोधित करते समय प्रधानमंत्री मोदी की जेब में लगा तिरंगे के रंगों वाला pocket square सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बन गया। इस विवाद को ‘PM Modi Pocket Square Row‘ के नाम से भी जाना जा रहा है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि pocket square में तिरंगे के रंगों का क्रम सही नहीं था और इसे आयरलैंड के झंडे के रंगों से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री पर तंज कसा। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे भारत के राष्ट्रीय ध्वज को उल्टा प्रदर्शित करना कहना सही नहीं होगा, क्योंकि यह वास्तविक राष्ट्रीय ध्वज नहीं बल्कि पोशाक का एक accessory था। इस घटना को अब ‘PM Modi Pocket Square Row‘ के तौर पर देखा जा रहा है।
लाल बंधनी साफा, सफेद कुर्ता और ब्राउन नेहरू जैकेट में नजर आए मोदी
80वें स्वतंत्रता दिवस के समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल रंग की Bandhani शैली की पारंपरिक पगड़ी/साफा पहना। इसके साथ उन्होंने सफेद कुर्ता-पायजामा और चॉकलेट-ब्राउन रंग की Nehru jacket पहनी थी। उनकी पोशाक में तिरंगे के रंगों वाला pocket square भी दिखाई दिया।
प्रधानमंत्री की स्वतंत्रता दिवस की पोशाक पिछले कई वर्षों से चर्चा का हिस्सा रही है। 2014 से ही उनके अलग-अलग राज्यों की पारंपरिक पगड़ियों और रंगों वाले साफे स्वतंत्रता दिवस के लुक की खास पहचान रहे हैं। 2026 में चुनी गई Bandhani पगड़ी को भी भारतीय पारंपरिक हस्तशिल्प और क्षेत्रीय संस्कृति से जोड़ा गया है।
PM Modi Pocket Square Row के रंगों पर कांग्रेस का हमला
विवाद प्रधानमंत्री की जेब में दिखाई दे रहे तीन रंगों को लेकर शुरू हुआ। रिपोर्टों के अनुसार pocket square में केसरिया, सफेद और हरे रंग का इस्तेमाल किया गया था, लेकिन जिस क्रम में ये रंग दिखाई दे रहे थे, उसे कांग्रेस नेताओं ने भारतीय तिरंगे के निर्धारित क्रम से अलग बताया।
कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री की तस्वीर साझा करते हुए तंज कसा। उन्होंने सवाल उठाया कि कहीं भारत की जगह आयरलैंड का स्वतंत्रता दिवस तो नहीं मनाया जा रहा।
कांग्रेस की ओर से यह भी कहा गया कि दिखाई दे रहा रंग संयोजन आयरलैंड के झंडे के क्रम से मिलता-जुलता नजर आ रहा था। इसी आधार पर इसे लेकर सोशल मीडिया पर “Ireland vs India Tricolour” की बहस तेज हुई।
हालांकि, कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसका बचाव करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय ध्वज नहीं बल्कि तीन रंगों वाला folded pocket square था। इसलिए उस पर राष्ट्रीय ध्वज के display rules को उसी तरह लागू करना उचित नहीं माना जा सकता।
क्या मोदी जी ने तिरंगा उल्टा लगाया था? जानिए नियम और असली मामला
यहां सबसे महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। Flag Code of India और संबंधित कानून राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और प्रदर्शन से जुड़े नियम निर्धारित करते हैं। कानून में जानबूझकर राष्ट्रीय ध्वज को इस तरह प्रदर्शित करना कि केसरिया रंग नीचे हो, अपमानजनक प्रदर्शन के रूप में शामिल है।
लेकिन प्रधानमंत्री की जेब में दिखाई देने वाला कपड़ा राष्ट्रीय ध्वज के रूप में इस्तेमाल किया गया आधिकारिक ध्वज नहीं था। उपलब्ध रिपोर्टों में इसे pocket square या tricolour accessory बताया गया है। इसलिए केवल तस्वीर के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया या Flag Code तोड़ा, उचित नहीं होगा।
यानी विवाद का तथ्यात्मक आधार यह है कि तिरंगे के रंगों का क्रम देखने वालों को अलग नजर आया, जबकि कानूनी तौर पर इसे राष्ट्रीय ध्वज के प्रदर्शन के बराबर मानने के लिए यह साबित करना जरूरी होगा कि वह वस्तु वास्तव में राष्ट्रीय ध्वज थी और उस पर संबंधित नियम लागू होते थे।
लाल किले से मोदी का बड़ा संदेश
स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने केवल राजनीतिक मुद्दों पर नहीं, बल्कि भारत के अगले विकास चरण पर भी जोर दिया। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को दोहराते हुए युवाओं, आत्मनिर्भरता, ऊर्जा, critical minerals और semiconductor जैसे क्षेत्रों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने ‘सप्तधारा’ के जरिए विकास की दिशा पर भी बात की।
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने माओवादी हिंसा को लेकर दावा किया कि सशस्त्र नक्सलवाद कमजोर पड़ चुका है। साथ ही उन्होंने “दिमागी नक्सल” शब्द का इस्तेमाल करते हुए वैचारिक स्तर पर खतरे की बात कही। इस बयान पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री के “दिमागी नक्सल” वाले बयान को लेकर हमला करते हुए इसे विपक्ष और असहमति को बदनाम करने की कोशिश बताया। विपक्ष के अन्य नेताओं ने भी इस बयान पर सवाल उठाए।
विवाद का राजनीतिक मतलब क्या है?
प्रधानमंत्री की पोशाक को लेकर उठा यह विवाद स्वतंत्रता दिवस के राजनीतिक माहौल में एक नया मुद्दा बन गया है। एक तरफ कांग्रेस इसे राष्ट्रीय प्रतीक से जुड़े रंगों के क्रम की गलती बता रही है, वहीं दूसरी तरफ यह तर्क भी सामने आया है कि pocket square को राष्ट्रीय ध्वज मानकर Flag Code लागू करना सही नहीं है।
इस पूरे मामले में सबसे सुरक्षित निष्कर्ष यही है कि मोदी जी की पोशाक में तिरंगे के रंगों वाला pocket square जरूर था और उसके रंगों के क्रम को लेकर राजनीतिक विवाद हुआ, लेकिन इसे राष्ट्रीय ध्वज को उल्टा फहराने की घटना कहना तथ्यात्मक रूप से साबित नहीं है।
स्वतंत्रता दिवस के दिन जहां प्रधानमंत्री का भाषण देश की विकास दिशा, युवाओं और 2047 के लक्ष्य पर केंद्रित रहा, वहीं उनकी जेब में दिखाई दिया यह छोटा-सा tricolour accessory सोशल मीडिया और विपक्ष के लिए एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया।













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