रांची: झारखंड में JPSC JSSC Exam Scam की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर चल रही जांच के बीच अब आरोपी अभय कुमार तिवारी की संपत्ति भी चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रांची के नामकुम इलाके के जोरार गांव में अभय तिवारी का एक मकान है, जिसकी जांच के सिलसिले में जानकारी जुटाई जा रही है। बताया जा रहा है कि करीब 300 गज जमीन पर यह मकान बना हुआ है। जब मीडिया टीम वहां पहुंची तो घर पर ताला लगा मिला। आसपास के लोगों से भी मकान और उसके मालिकाना हक को लेकर जानकारी लेने की कोशिश की गई।
हालांकि, यहां यह साफ करना जरूरी है कि सिर्फ मकान या संपत्ति का होना भ्रष्टाचार का प्रमाण नहीं है। इस संपत्ति का पैसा कहां से आया और इसका कथित JPSC JSSC Exam Scam से कोई संबंध है या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
परीक्षा संचालन से जुड़ा रहा है पुराना संबंध (Understanding the JPSC JSSC Exam Scam)
रिपोर्टों के अनुसार, अभय तिवारी सरकारी सेवा में आने से पहले TRS Data Processing Private Limited (TDPL) में मार्केटिंग मैनेजर के तौर पर काम कर चुका था। परीक्षा संचालन से जुड़ी निजी एजेंसियों में उसके पुराने काम और संपर्क भी जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों और निजी एजेंसियों के बीच किस तरह के संपर्क थे और क्या इनका कथित अनियमितताओं से कोई संबंध रहा है।
पैसों के लेन-देन के आरोपों की भी जांच
मीडिया रिपोर्टों में JPSC की परीक्षा से जुड़े काम में कथित वित्तीय लेन-देन और कमीशन के आरोपों का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, एक ऐसी कंपनी को परीक्षा से जुड़ा काम दिलाने के लिए कथित तौर पर पैसों की डील की बात सामने आई है, जिसे पहले ब्लैकलिस्ट किया गया था। इन आरोपों की वास्तविकता जांच एजेंसियों की जांच और उपलब्ध दस्तावेजों से ही सामने आएगी। फिलहाल इन आरोपों को जांच का हिस्सा माना जा रहा है और इन्हें अंतिम रूप से साबित तथ्य नहीं माना जा सकता।
अब संपत्ति और वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल अहम
मामले में अगर जांच एजेंसियां अभय तिवारी की संपत्ति, बैंक खातों, आय के स्रोत और कथित लेन-देन की पड़ताल करती हैं, तो इससे यह समझने में मदद मिल सकती है कि उनकी संपत्ति और आय के बीच कोई असामान्य अंतर है या नहीं।
JPSC-JSSC से जुड़ा यह मामला छात्रों और नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के बीच पहले से ही चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसे में जांच का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरा होना बेहद महत्वपूर्ण है।
फिलहाल जांच जारी है। अभय तिवारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और संबंधित साक्ष्यों के सामने आने के बाद ही निकाला जा सकेगा।












