---Advertisement---

JPSC-JSSC आंदोलन का 22वां दिन: देवेंद्र नाथ महतो को रोका, CM का बड़ा भरोसा

August 16, 2026 8:14 PM
देवेंद्र नाथ महतो को तिरंगा यात्रा से रोकते पुलिसकर्मी, JPSC, JSSC, RANCHI NEWS, JOHAR EXPRESS, AJAY NAAGWANSHI, JPSC-JSSC आंदोलन
---Advertisement---
Jharkhand IT Services, Mobile App Development, Software Development, Digital Marketing

रांची: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा JPSC-JSSC आंदोलन 15 अगस्त को 22वें दिन भी जारी रहा। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आंदोलनकारी छात्रों ने तिरंगा यात्रा निकालने का ऐलान किया था। इसी दौरान आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल देवेंद्र नाथ महतो को प्रशासन ने तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोक दिया। घटना के बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। JPSC-JSSC आंदोलन के समर्थन में छात्रों ने अपनी आवाज उठाई है।

14वें दिन भी भूख हड़ताल पर देवेंद्र नाथ महतो

देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल भी JPSC-JSSC आंदोलन का सबसे बड़ा मुद्दा बनी हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, महतो 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं और 15 अगस्त को उनके अनशन का 14वां दिन है। लंबे अनशन के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने की खबरें भी सामने आई हैं। इसके बावजूद उन्होंने छात्रों की मांगों को लेकर अपना आंदोलन जारी रखा है।

महतो और आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जैसे मुद्दे शामिल हैं। आंदोलन के दौरान छात्र लगातार सरकार से ठोस निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं।

तिरंगा यात्रा को लेकर पुलिस-प्रशासन से टकराव

स्वतंत्रता दिवस पर आंदोलनकारी छात्रों ने तिरंगा यात्रा निकालने की तैयारी की थी। देवेंद्र नाथ महतो भी इसमें शामिल होना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद मौके पर तनाव बढ़ा और पुलिस तथा समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की हुई। प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर रोक लगाए जाने की बात सामने आई है।

इस कार्रवाई के बाद आंदोलनकारियों ने पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। वहीं, पूरे मामले में प्रशासन का पक्ष भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि अधिकारियों ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को कार्रवाई का आधार बताया है।

CM हेमंत सोरेन ने कहा, परीक्षा व्यवस्था में होगा बदलाव

इधर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर JPSC-JSSC परीक्षा विवाद और छात्रों की चिंताओं पर सरकार का पक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल की परीक्षा संबंधी अनियमितताओं से एक पूरी पीढ़ी का परीक्षा व्यवस्था और शासन पर विश्वास प्रभावित हुआ है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि सरकार परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में कदम उठा रही है। उन्होंने साफ कहा कि न्याय होगा और निष्पक्ष होगा। साथ ही युवाओं से धैर्य बनाए रखने और बदलाव की प्रक्रिया में भागीदार बनने की अपील की।

मुख्यमंत्री के इस बयान को आंदोलन के बीच सरकार की ओर से महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है। हालांकि, छात्रों की ओर से उठाई जा रही सभी मांगों पर अभी पूरी तरह सहमति बनना बाकी है।

JPSC-JSSC आंदोलन में आगे क्या?

JPSC-JSSC आंदोलन अब तीन सप्ताह से ज्यादा समय से जारी है। एक तरफ छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पारदर्शिता को लेकर अपनी मांगों पर अड़े हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार परीक्षा व्यवस्था में सुधार और निष्पक्षता का भरोसा दे रही है।

15 अगस्त को तिरंगा यात्रा को लेकर पैदा हुआ विवाद और देवेंद्र नाथ महतो की जारी भूख हड़ताल ने आंदोलन को फिर सुर्खियों में ला दिया है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार छात्रों की मांगों पर आगे क्या ठोस कदम उठाती है और क्या बातचीत के जरिए इस लंबे झारखंड छात्र आंदोलन का समाधान निकल पाता है।

फिलहाल, JPSC-JSSC आंदोलन 22वें दिन भी जारी है और देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल 14वें दिन में पहुंच चुकी है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment