---Advertisement---

Abhay Tiwari Case: परिवार की सरकारी नौकरियों पर उठे सवाल, जांच में जुड़ती जा रही कड़ियां

August 17, 2026 10:06 PM
Abhay Tiwari case, Abhay Tiwari, JPSC, JSSC
---Advertisement---
Jharkhand IT Services, Mobile App Development, Software Development, Digital Marketing

रांची: झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा विवाद अब सिर्फ परीक्षा तक सीमित नहीं रह गया है। जांच के दौरान Abhay Tiwari का नाम सामने आने के बाद उसके पुराने कामकाज, परीक्षा संचालन से जुड़े कनेक्शन और परिवार के कुछ सदस्यों की सरकारी नौकरियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

Abhay Tiwari खुद सरकारी नौकरी में था। इससे पहले वह परीक्षा कराने वाली निजी कंपनी TSR Data Processing Private Limited यानी TDPL से भी जुड़ा रहा था। यही वजह है कि जांच एजेंसी उसके पुराने कनेक्शन को भी खंगाल रही है।

हालांकि, परिवार के सदस्यों की सरकारी नियुक्तियों में गड़बड़ी हुई है, ऐसा अभी जांच में साबित नहीं हुआ है।

कौन है Abhay Tiwari?

Abhay Kumar Tiwari गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट में Block Supply Officer (BSO) के पद पर काम कर रहा था। JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान CID ने उसे गिरफ्तार किया।

जांच में उसका नाम TDPL से भी जुड़ा मिला। रिपोर्ट के मुताबिक वह इस कंपनी में Marketing Manager के तौर पर काम कर चुका था। TDPL परीक्षा संचालन से जुड़े काम करती रही है और इसी वजह से कंपनी की भूमिका भी जांच में महत्वपूर्ण हो गई है।

यानी एक तरफ Abhay Tiwari सरकारी पद पर था और दूसरी तरफ उसका पुराना संबंध उस कंपनी से रहा, जो परीक्षा संचालन से जुड़ी थी। CID इसी कड़ी को समझने की कोशिश कर रही है।

Abhay Tiwari पर क्या आरोप हैं?

जांच एजेंसी का आरोप है कि Abhay Tiwari की भर्ती परीक्षा से जुड़े कथित नेटवर्क में भूमिका थी। जांच में उसके ऊपर अभ्यर्थियों और परीक्षा से जुड़े लोगों के बीच संपर्क का काम करने के आरोप भी सामने आए हैं।

Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में यह आरोप भी सामने आया कि वह कथित तौर पर परीक्षा में चयन दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से पैसे मांगने वाले नेटवर्क का हिस्सा था।

लेकिन ये सभी बातें अभी जांच में लगे आरोप हैं। अदालत से इन आरोपों पर अंतिम फैसला नहीं आया है। इसलिए इन्हें साबित तथ्य के तौर पर पेश करना सही नहीं होगा।

परिवार की सरकारी नौकरियां क्यों चर्चा में आईं?

Abhay Tiwari की गिरफ्तारी के बाद उसके परिवार के कुछ सदस्यों की सरकारी नौकरियों को लेकर भी चर्चा शुरू हुई। CID उसके करीबी परिवार के सदस्यों, जिनमें उसका भाई और भाभी शामिल हैं, की नियुक्तियों को भी देख रही है।

यहीं से सोशल मीडिया पर कई तरह के पोस्ट और ग्राफिक्स वायरल होने लगे। इनमें परिवार के कई सदस्यों की सरकारी नौकरियों को एक साथ दिखाकर भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

लेकिन सिर्फ इतना कि एक ही परिवार के कई लोग सरकारी नौकरी में हैं, अपने आप में किसी घोटाले का सबूत नहीं है। असली सवाल यह है कि उनकी नियुक्तियां किस परीक्षा से हुईं, चयन प्रक्रिया क्या थी और क्या उसमें कोई नियम तोड़ा गया था।

CID इसी तरह के सवालों के जवाब तलाश रही है। रिपोर्ट के मुताबिक अभी इस जांच से कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

खुद भी कई परीक्षाएं पास कर चुका था

Abhay Tiwari की अपनी सरकारी नौकरी और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता भी इस मामले में चर्चा का कारण बनी है।

रिपोर्ट के मुताबिक उसने JPSC और JSSC की पांच अन्य परीक्षाएं भी पास की थीं। अब जांच एजेंसी यह देख रही है कि इन सफलताओं का कथित परीक्षा नेटवर्क से कोई संबंध था या नहीं।

यहां भी एक बात समझना जरूरी है। किसी उम्मीदवार का एक से ज्यादा प्रतियोगी परीक्षा पास करना अपने आप में गलत नहीं है। सवाल तभी उठता है जब जांच में चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने का कोई सबूत सामने आए।

TDPL कनेक्शन सबसे अहम क्यों?

इस मामले में TDPL का नाम बार-बार सामने आ रहा है। Abhay Tiwari पहले इस कंपनी में काम कर चुका था और कंपनी परीक्षा संचालन से जुड़ी रही है।

Indian Express के मुताबिक, TDPL को JSSC की ओर से नियमों के पालन में कमी को लेकर कार्रवाई का सामना करना पड़ा था और मई 2025 में कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया गया था। इसके बावजूद बाद में उसे परीक्षा से जुड़ा काम दिए जाने पर भी सवाल उठे हैं।

अब जांच का एक हिस्सा यह भी है कि परीक्षा कराने वाली एजेंसी और उससे जुड़े लोगों की भूमिका क्या थी और Abhay Tiwari का उस पूरे सिस्टम से कितना संपर्क था।

क्या हेमंत सोरेन ने परिवार को नौकरी दिलाई?

सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि सरकार ने Abhay Tiwari के परिवार के लोगों को नौकरी दिलाई।

लेकिन इस दावे को लेकर अभी कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है।

किसी मुख्यमंत्री या सरकार के कार्यकाल में किसी व्यक्ति का सरकारी नौकरी में चयन होना और मुख्यमंत्री द्वारा व्यक्तिगत रूप से उस व्यक्ति को नौकरी दिलाना, दोनों अलग बातें हैं। इसलिए सोशल मीडिया पोस्ट में किए जा रहे राजनीतिक दावों को जांच में सामने आए तथ्यों से अलग रखना जरूरी है।

फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने व्यक्तिगत रूप से Abhay Tiwari या उसके परिवार के सदस्यों की नियुक्ति कराई।

अब जांच में किन बातों पर नजर?

अब जांच का दायरा सिर्फ Abhay Tiwari तक नहीं है। CID परीक्षा कराने वाली एजेंसी, उससे जुड़े लोगों, सरकारी अधिकारियों और कथित नेटवर्क के बीच संबंधों को देख रही है।

इसके साथ ही परिवार के सदस्यों की नियुक्तियों से जुड़े रिकॉर्ड भी जांचे जा रहे हैं। अगर इन मामलों में कोई गड़बड़ी या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो जांच आगे और बढ़ सकती है।

फिलहाल तीन बातें सबसे ज्यादा अहम हैं: Abhay Tiwari की कथित भूमिका, TDPL से उसका पुराना संबंध और परिवार के सदस्यों की सरकारी नियुक्तियों से जुड़े रिकॉर्ड।

जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि इन सभी कड़ियों के बीच वास्तव में कोई संबंध था या नहीं। अभी सोशल मीडिया पर चल रहे हर दावे को सच मान लेना ठीक नहीं होगा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment