रांची: झारखंड सरकार के JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के फैसले के बाद अब इसी परीक्षा में सफल होकर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले अभ्यर्थी विरोध में उतर आए हैं। मंगलवार को बड़ी संख्या में चयनित और नियुक्त अभ्यर्थी रांची स्थित सचिवालय और प्रोजेक्ट भवन के बाहर जुटे। अभ्यर्थियों की मांग है कि परीक्षा में अगर किसी तरह की गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच की जाए, लेकिन उसका असर उन उम्मीदवारों पर नहीं पड़ना चाहिए जिन्होंने चयन प्रक्रिया पूरी कर नौकरी हासिल की है।
JSSC-CGL रद्द होने के बाद सड़क पर उतरे चयनित अभ्यर्थी
सरकार की ओर से JSSC-CGL परीक्षा रद्द किए जाने की घोषणा के बाद सफल अभ्यर्थियों के बीच अपनी नियुक्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 1,975 से 2,000 अभ्यर्थी इस फैसले से प्रभावित हो सकते हैं। इनमें कई उम्मीदवार ऐसे हैं जो चयन के बाद सरकारी विभागों में नियुक्त होकर काम भी कर रहे हैं।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने सरकार से अपना पक्ष सुनने की मांग की। उनका कहना है कि अगर भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता हुई है तो उसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए, लेकिन सभी सफल उम्मीदवारों को एक ही नजर से देखना उचित नहीं है।
अभ्यर्थियों का सवाल- गलती हुई तो कार्रवाई दोषियों पर हो
प्रदर्शन के दौरान चयनित अभ्यर्थियों की सबसे बड़ी चिंता उनकी नौकरी को लेकर रही। उनका कहना है कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी की, परीक्षा दी, चयन प्रक्रिया पूरी की और इसके बाद सरकारी नौकरी मिली।
ऐसे में उनका सवाल है कि अगर परीक्षा कराने वाली व्यवस्था या उससे जुड़े लोगों पर कोई आरोप है तो उसका खामियाजा अभ्यर्थियों को क्यों भुगतना पड़े?
कई प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि प्रत्येक मामले को अलग-अलग देखा जाए और जिन लोगों की भूमिका संदिग्ध है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। कुछ अभ्यर्थियों ने निष्पक्ष जांच और CBI जांच की मांग भी उठाई है।
करीब 2 हजार अभ्यर्थियों की नौकरी पर अनिश्चितता
JSSC-CGL परीक्षा रद्द होने के बाद सबसे बड़ा सवाल उन अभ्यर्थियों को लेकर है, जिन्हें इस परीक्षा के आधार पर नियुक्ति मिल चुकी है। करीब 2 हजार सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति और भविष्य को लेकर फिलहाल अनिश्चितता बनी हुई है।
हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि सभी नियुक्तियां निश्चित रूप से खत्म हो जाएंगी। आगे की स्थिति सरकार के आदेश, जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया से स्पष्ट होगी।
यही वजह है कि नियुक्त अभ्यर्थी सरकार से तत्काल स्पष्टता की मांग कर रहे हैं।
सरकार ने क्यों रद्द की JSSC-CGL परीक्षा?
झारखंड सरकार ने सोमवार को JSSC-CGL परीक्षा के साथ-साथ आउटसोर्स एजेंसी TSR Data Processing Private Limited (TDPL) द्वारा 2014 से कराई गई अन्य भर्ती परीक्षाओं को लेकर भी बड़ा फैसला लिया। सरकार ने इन परीक्षाओं से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच की बात कही है।
JSSC-CGL को लेकर लंबे समय से छात्र आंदोलन चल रहा था। प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे थे। सरकार के फैसले के बाद छात्र आंदोलन में शामिल लोगों ने इसे अपनी बड़ी मांग पूरी होने के रूप में देखा।
एक आंदोलन खत्म हुआ, तो दूसरा शुरू
JSSC-CGL रद्द होने के बाद झारखंड में भर्ती परीक्षा विवाद का एक नया पक्ष सामने आया है।
एक तरफ वे छात्र हैं जो परीक्षा रद्द किए जाने को कथित अनियमितताओं के खिलाफ जरूरी कदम मान रहे हैं। दूसरी तरफ वे अभ्यर्थी हैं जिन्होंने इसी परीक्षा को पास करके सरकारी नौकरी हासिल की और अब अपनी नियुक्ति को लेकर चिंतित हैं।
यानी सरकार के फैसले ने एक पुराने आंदोलन को खत्म करने की दिशा में कदम जरूर बढ़ाया, लेकिन अब करीब 2 हजार सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति का सवाल सामने खड़ा हो गया है।
अब सरकार के अगले फैसले पर नजर
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि JSSC-CGL में सफल होकर नियुक्त हो चुके अभ्यर्थियों के मामले में सरकार आगे क्या कदम उठाएगी।
क्या नियुक्तियों को किसी प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रखा जाएगा, क्या दोबारा परीक्षा का रास्ता अपनाया जाएगा या जांच के बाद कोई दूसरा समाधान निकलेगा, इस पर अभी अंतिम तस्वीर साफ नहीं है।
अभ्यर्थी सरकार से बातचीत और अपनी नियुक्तियों पर स्पष्ट फैसला लेने की मांग कर रहे हैं। वहीं, इस पूरे मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
JSSC-CGL परीक्षा रद्द होने के बाद अब विवाद का केंद्र सिर्फ परीक्षा में कथित अनियमितता नहीं, बल्कि उन अभ्यर्थियों का भविष्य भी बन गया है जिन्होंने इसी चयन प्रक्रिया के बाद सरकारी नौकरी हासिल की थी।
FAQ
क्या JSSC CGL से चयनित अभ्यर्थियों की नौकरी जाएगी?
अगर सरकार ने अभी स्थिति साफ नहीं की है, तो इस सवाल का जवाब news में ही देना बेहतर है:
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि परीक्षा रद्द होने का चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर अंतिम असर क्या होगा। सरकार की ओर से आगे की प्रक्रिया स्पष्ट किए जाने के बाद ही स्थिति साफ होगी।










