रांची: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा JPSC-JSSC आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। रविवार को JPSC-JSSC आंदोलन के 23वें दिन भी रांची में छात्रों का धरना जारी रहा। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश जताते हुए सिर पर कफन बांधकर आंदोलन जारी रखने की बात कही। वहीं, प्रदर्शन के दौरान जहर खाने जैसी बात का भी जिक्र सामने आया है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से धरना और भूख हड़ताल कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें ऐसा ठोस समाधान नहीं मिला है जिससे आंदोलन खत्म किया जा सके। छात्रों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर सरकार को निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए।
सिर पर कफन बांधने की बात, जहर खाने का भी जिक्र
धरना स्थल पर छात्रों के तेवर रविवार को और ज्यादा आक्रामक नजर आए। प्रदर्शन के दौरान सिर पर कफन बांधने की बात कही गई। छात्रों की ओर से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं।
इसी दौरान जहर खाने जैसी बात का भी जिक्र सामने आया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है। इसलिए इसे छात्रों की ओर से कही गई बात के तौर पर ही देखा जाना चाहिए, न कि किसी वास्तविक घटना के रूप में।
छात्रों की इस तरह की नाराजगी के पीछे लंबे समय से चल रहा JPSC-JSSC विवाद और भर्ती परीक्षाओं को लेकर उनकी मांगें हैं। पिछले दिनों भी प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि उनकी मांगों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं की जा रही है।
4 और छात्र भूख हड़ताल पर बैठे
आंदोलन के बीच रविवार को चार और छात्र भूख हड़ताल पर बैठ गए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इन छात्रों में राजबल प्रसाद, उदय मेहता, राजीव कुमार कुशवाहा और उदय मंडल शामिल हैं।
इनके भूख हड़ताल पर बैठने के बाद आंदोलन में अनशन कर रहे छात्रों की संख्या और बढ़ गई है। इससे पहले छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी लंबे समय से भूख हड़ताल पर हैं।
देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत को लेकर भी चिंता बनी हुई है। रविवार की रिपोर्ट के अनुसार वह करीब 15 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और डिहाइड्रेशन के कारण उनका ब्लड प्रेशर गिर रहा है। डॉक्टरों ने उनकी लगातार निगरानी की जरूरत बताई है।
JPSC-JSSC छात्रों की क्या मांग है?
आंदोलनकारी छात्र JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में विवादित परीक्षाओं को रद्द करना, भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता शामिल है।
छात्र नेताओं ने JSSC-CGL और JPSC की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा को लेकर भी आपत्ति जताई है। इसके अलावा कथित अनियमितताओं की CBI जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग भी सामने आई है।
वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 15 अगस्त को छात्रों की चिंताओं के बीच परीक्षा व्यवस्था में सुधार और अधिक पारदर्शिता का भरोसा दिया था। सरकार की ओर से कहा गया है कि भर्ती परीक्षाओं में प्रतिभा के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
हेमंत सोरेन और राहुल गांधी के पुतले दहन का ऐलान
आंदोलन को और तेज करते हुए छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले दहन का ऐलान किया है।
उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, छात्र नेताओं ने 16 अगस्त को राज्य के सभी 24 जिला मुख्यालयों में पुतला दहन करने की घोषणा की थी। रांची समेत अलग-अलग जिलों में इसे आंदोलन के अगले चरण के रूप में रखा गया था।
छात्र नेताओं का आरोप है कि JMM-कांग्रेस सरकार उनकी मांगों पर पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखा रही है। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने राहुल गांधी से भी सरकार पर दबाव बनाने और जरूरत पड़ने पर समर्थन वापस लेने की मांग उठाई है।
20 अगस्त को CM आवास घेराव
छात्रों ने आंदोलन के अगले बड़े कार्यक्रम की भी घोषणा कर दी है। 20 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव करने का ऐलान किया गया है।
JPSC-JSSC Reforms Manch के नेताओं ने कहा है कि अगर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। छात्रों ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई है।
15 अगस्त को निकाली गई तिरंगा यात्रा के दौरान भी छात्रों ने 20 अगस्त के कार्यक्रम की घोषणा की थी। आंदोलनकारी इसे अपने आंदोलन का अगला बड़ा चरण बता रहे हैं।
सरकार और छात्रों के बीच बढ़ता टकराव
JPSC-JSSC भर्ती विवाद अब केवल परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया तक सीमित नहीं रह गया है। आंदोलनकारी छात्र लगातार सरकार पर दबाव बढ़ा रहे हैं। दूसरी ओर मुख्यमंत्री की ओर से परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता का भरोसा दिया गया है, लेकिन छात्रों का कहना है कि केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं है।
23वें दिन सिर पर कफन बांधने की बात, जहर खाने जैसे बयान, चार नए छात्रों का भूख हड़ताल पर बैठना, पुतला दहन और 20 अगस्त को CM आवास घेराव ने आंदोलन को एक नए चरण में पहुंचा दिया है।
अब सबसे बड़ी नजर 20 अगस्त के CM आवास घेराव पर है। अगर उससे पहले सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच कोई ठोस समाधान नहीं निकलता है, तो आने वाले दिनों में JPSC-JSSC आंदोलन और तेज हो सकता है।












