हजारीबाग: शहर में बिना लाइसेंस और अमानक पानी बेचने वाले व्यावसायिक ठिकानों पर लगाम कसने के लिए हजारीबाग RO वाटर प्लांट अल्टीमेटम जारी कर दिया गया है। नगर निगम प्रशासन ने अनियंत्रित भूजल दोहन और अवैध जलापूर्ति पर कड़ा रुख अपनाते हुए शहर के सभी कमर्शियल रिवर्स ऑस्मोसिस (RO) वाटर प्लांट संचालकों को 31 अगस्त 2026 तक अनिवार्य रूप से पंजीकरण और लाइसेंस प्रक्रिया पूरी करने का अंतिम निर्देश दिया है।
नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि तय समयसीमा समाप्त होने के बाद यदि कोई भी प्लांट बिना वैध अनुज्ञप्ति के संचालित पाया गया, तो उसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया जाएगा। साथ ही संबंधित संचालकों के खिलाफ कानूनी व वित्तीय दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
झारखंड नगरपालिका अधिनियम के तहत कार्रवाई
सहायक नगर आयुक्त बिपिन कुमार की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के दौरान नगर निगम की टीम ने संचालकों को इस निर्देश से अवगत कराया। यह कदम ‘झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011’ और ‘रिवर्स ऑस्मोसिस (RO) वाटर उपचार संयंत्र संचालन एवं अनुज्ञप्ति नियमावली, 2024’ के तहत उठाया जा रहा है।
शहर के बाबूगांव, नूरा, कोलघट्टी और अन्य व्यावसायिक इलाकों में कई संचालक बिना जलापूर्ति मानकों की जांच कराए पानी के जार बेच रहे हैं। इससे पूर्व भी नगर निगम की टीम ने बाबूगांव क्षेत्र में औचक छापेमारी कर नियम उल्लंघन पर जुर्माना वसूला था और पंजीकरण कराने की चेतावनी दी थी।
पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज
नगर निगम से अपने RO वाटर प्लांट का वैध लाइसेंस प्राप्त करने के लिए संचालकों को निम्नलिखित दस्तावेज निगम कार्यालय में जमा करने होंगे:
- प्रोपराइटर का आधार कार्ड व पहचान पत्र
- फर्म या कंपनी का पंजीकरण प्रमाण पत्र
- अद्यतन बिजली बिल और होल्डिंग टैक्स की रसीद
- केंद्रीय भूगर्भ जल प्राधिकार (CGWA) की एनओसी (NOC)
- रेन वाटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संचयन) प्रणाली का विवरण
जलापूर्ति योजनाओं का निरीक्षण और समयसीमा
अवैध वाटर प्लांटों पर कार्रवाई के अलावा नगर निगम ने हजारीबाग की मुख्य जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। निगम अधिकारियों ने निर्माण एजेंसी एलएंडटी (L&T) को छड़वा डैम और नूरा स्थित जलमीनार से नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं, कोलघट्टी स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुकों तक जल्द पानी पहुंचाने की समयसीमा तय की गई है। 31 अगस्त के बाद शहर के सभी 53 वार्डों में विशेष चेकिंग अभियान चलाकर अनधिकृत प्लांट्स को बंद कराया जाएगा।







